एलोवेरा जूस के फायदे


औषधीय गुणों से युक्त एलोवेरा के सेवन से कई लाभ मिल सकते हैं. इसमें कार्बोहाइड्रेट, शुगर, सोडियम, कैल्शियम, विटामिन-सी, आयरन और एस्कॉर्बिक एसिड जैसे पौष्टिक तत्व मौजूद होते हैं. प्री डायबिटीज ट्रीटमेंट, ओरल और डेंटल हेल्थ में इसका इस्तेमाल किया जा सकता है. आइए, इसके फायदों के बारे में विस्तार से जानते हैं -

1.एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर

2.प्री डायबिटीज के इलाज में सहायक

3.ओरल हेल्थ के लिए लाभदायक

4.त्वचा के लिए फायदेमंद

5.पाचन तंत्र के लिए
 
1.एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर
एलोवेरा जेल में एंटीऑक्सीडेंट गुण पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं और इसमें एंटीइंफ्लेमेटरी गुण भी होते हैं, जो बैक्टीरियल इंफेक्शन और मुंहासे आदि से बचाने में लाभदायक होते हैं. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट गुण शरीर को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने में मदद करते हैं. ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस के कारण हृदय रोग व कैंसर होने का खतरा बना रहता है।

2. प्री डायबिटीज के इलाज में सहायक
एलोवेरा जूस का सेवन करने से बढ़ते हुई ब्लड शुगर को नियंत्रित किया जा सकता है. यह टाइप 2 डायबिटीज के मरीजों के लिए लाभदायक है. अगर कोई व्यक्ति प्री डायबिटिक स्टेज में हैं, तो इसके जूस का प्रयोग करने से शुगर को कुछ हद तक ठीक किया जा सकता है ।

3.ओरल हेल्थ के लिए लाभदायक
एलोवेरा में एंटी माइक्रोबियल गुण होते हैं, जो मुंह के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं. मुंह में दर्द व सूजन यानी ओरल सबम्यूकस फाइब्रोसिस जैसी समस्या में भी एलोवेरा जूस का प्रयोग किया जा सकता है. शोध के अनुसार, 1 माह तक प्रतिदिन 2 बार 30ml एलोवेरा जूस का सेवन करने से इस समस्या को कम किया जा सकता है. ऐसा करने से इस समस्या में इस्तेमाल होने वाले हाइड्रोकोर्टिसोन इंजेक्शन जैसे प्रभाव देखने को मिल सकते हैं. इससे बने माउथवॉश का प्रयोग करने से सेंसिटिविटी और दांतों में होने वाला दर्द या पीरियडोंटल कंडीशन ठीक हो सकती हैं ।

4.त्वचा के लिए फायदेमंद
एलोवेरा जूस में एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जिस कारण इसका प्रयोग त्वचा के जलने या एटॉपिक डर्मेटाइटिस जैसी स्थिति में किया जा सकता है. एक वैज्ञानिक शोध के अनुसार, एलोवेरा जूस का सेवन करने से कोलेजन के उत्पादन को बेहतर किया जा सकता है और 40 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं की त्वचा पर झुर्रियों को आने से रोका जा सकता है ।

5.पाचन तंत्र के लिए
एलोवेरा में एंथ्रेक्वीनों ग्लाइकोसाइड्स (Anthraquinone Glycosides) जैसे तत्व होते हैं, जो लैक्सेटिव प्रभाव से भरपूर होते हैं. यह गुण कब्ज जैसी स्थिति को ठीक करने में सहायक होता है. इसके अलावा, सीने में जलन होना और एसिडिटी आदि जैसी पाचन से जुड़ी समस्याओं को ठीक करने में भी एलोवेरा जूस सहायक है ।

"एलोवेरा जूस के नुकसान ( ・ั﹏・ั)

जहां एक तरफ एलोवेरा जूस के फायदे हैं, वहीं कुछ मामलों में इसके नुकसान भी हैं, जिनके बारे में नीचे बताया गया है -

*कुछ लोगों को इसके जूस से एलर्जी होती है और उन्हें स्किन पर खुजली हो सकती है या जलन भी देखने को मिल सकती है.
*कई बार इसका सेवन करने से पेट में दर्द और क्रैंप्स होने लगते हैं. ऐसा इसका ज्यादा मात्रा में प्रयोग करने पर होता है.
*अगर लंबे समय तक इसका सेवन उच्च मात्रा में किया जाए, तो डायरिया, यूरिन में ब्लड आना, वजन कम होना व मांसपेशियों में कमजोरी जैसे लक्षण देखने को मिल सकते हैं ।

"एलोवेरा जूस का प्रयोग कैसे व कब करें →_→

एलोवेरा जूस का सेवन अलग-अलग तरीके से और टेस्ट के मुताबिक किया जा सकता है, जैसे -

→एलोवेरा के थिक जेल को पानी में मिलाकर और छानकर ले सकते हैं.
→एलोवेरा जूस में शहद मिलाकर पिया जा सकता है.
→एलोवेरा जूस में खीरे का रस, स्वाद के मुताबिक नींबू का रस और कुछ बूंद अदरक के रस की मिक्स की जा सकती हैं.
→एलोवेरा को आंवले में मिलाकर भी पिया जा सकता है.
→इसका सेवन दिन में किसी समय भी किया जा सकता है, लेकिन सुबह के समय खाली पेट पीना ज्यादा फायदेमंद है. सेवन की मात्रा नियंत्रित होनी चाहिए यानी लगभग एक कप ।





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